कोकड़ी माल कथित चीरहरण मामले में आरोपी “कलयुगी दुशासन” गिरफ्तार
बस्तर के माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
मंदिरों में कृष्ण जन्म की घंटियां बज रही थीं…
“नंद के आनंद भयो…” के जयकारे गूंज रहे थे…
कहीं कान्हा को माखन का भोग लग रहा था, तो कहीं द्रौपदी की लाज बचाने वाले कृष्ण की कथा सुनाई जा रही थी।

लेकिन उसी रात अमलीपदर थाना क्षेत्र के कोकड़ी माल में एक महिला अपनी जान और आबरू बचाने के लिए निर्वस्त्र हालत में सड़क से अपने घर तक भागने को मजबूर हुई। बताया जा रहा है कि महिला शौच के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ छीना-झपटी और अभद्रता की। आरोप है कि उसे सड़क से नीचे खींचकर उसके कपड़े जबरन उतार दिए गए। महिला किसी तरह वहां से बचकर घर पहुंची और अपनी सास को पूरी घटना बताई।
न कोई रथ था…
न कोई सेना…
न कोई सुदर्शन चक्र…
बस एक महिला थी, जो बदहवास हालत में अपनी इज्जत बचाकर घर की ओर दौड़ रही थी।
अब इस मामले में पुलिस ने शंकर नागेश, पिता तिरपाल नागेश, उम्र 26 वर्ष, निवासी माहौलपारा नवापारा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 74, 73, 75, 64(1) और 115(1) के तहत कार्रवाई की गई और उसे न्यायिक हिरासत में जेल दाखिल कर दिया गया। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
यानी जन्माष्टमी की रात कथित चीरहरण का ‘कलयुगी दुशासन’ अब सलाखों के पीछे है।
लेकिन सवाल अभी खत्म नहीं हुआ…
जिस रात कृष्ण की पूजा हो रही थी, उसी रात एक महिला सड़क पर मदद के लिए दौड़ रही थी। अगर रास्ते से कोई वाहन गुजरा होगा, किसी राहगीर की नजर पड़ी होगी, तो क्या किसी ने अपना गमछा या कपड़ा देकर उसकी लाज ढकने की कोशिश की?
क्योंकि कृष्ण बनने के लिए हमेशा चमत्कार नहीं चाहिए… कभी किसी मजबूर की आबरू ढकने के लिए अपना एक कपड़ा देना ही काफी होता है।
महाभारत में द्रौपदी के चीरहरण के वक्त सवाल था—सभा में बैठे लोग चुप क्यों हैं?
आज सवाल बदल गया है—
सड़क पर गुजरने वाले लोग चुप क्यों थे?
एक आरोपी जेल पहुंच गया है, लेकिन क्या इससे महिलाओं के खिलाफ होने वाली हैवानियत रुक जाएगी? क्या क्षेत्र में बढ़ते नशे पर लगाम लगेगी? और क्या समाज अपराध का तमाशा देखने के बजाय पीड़ित की मदद के लिए आगे आएगा?
कृष्ण जन्माष्टमी हर साल आएगी… मंदिरों में घंटियां हर साल बजेंगी… लेकिन कोकड़ी माल की यह रात एक सवाल छोड़ गई—
जब एक महिला अपनी आबरू बचाने के लिए सड़क पर भाग रही थी… तब उसके लिए कृष्ण कौन बना?
पुलिस ने कथित आरोपी को जेल भेज दिया है। अब जरूरत है कि समाज अपने भीतर के तमाशबीन को पहचाने।

