गरियाबंद। उड़ीसा के एक बड़े सड़क ठेकेदार द्वारा बिना रॉयल्टी कटाई के छत्तीसगढ़ से गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री ले जाने का मामला सामने आया है। इस अवैध खनिज परिवहन से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की हालत भी बदतर हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार के वाहन रोज़ाना 50 से 60 चक्कर लगाते हैं, जिससे उरमाल घाट पुलिया और एप्रोच रोड पर जबरदस्त दबाव पड़ रहा है। लगातार भारी वाहनों के आवागमन से नई सड़कों में गड्ढे बन गए हैं और प्रशासन को बार-बार मरम्मत कार्य करवाना पड़ रहा है।
सड़क खराबी बनी जानलेवा, अधेड़ की मौत
सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि इस खस्ताहाल सड़क ने हाल ही में एक व्यक्ति की जान भी ले ली। करीब 15 दिन पहले, उरमाल गांव के बीचों-बीच गड्ढों से भरी सड़क पर एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की साइकिल असंतुलित होकर गिर गई। तभी एक बाराती पिकअप उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराबी के लिए उक्त ठेकेदार भी जिम्मेदार है, क्योंकि अवैध रूप से खनिज परिवहन करने वाले ओवरलोड ट्रकों ने सड़क को पूरी तरह जर्जर बना दिया है।

खनिज विभाग की कार्रवाई नाकाम, मिलीभगत के आरोप
खनिज विभाग को जब इस अवैध खनिज परिवहन की जानकारी मिली, तो उन्होंने एक निरीक्षण दल को भेजा। लेकिन सूचना लीक हो जाने के कारण अधिकारी खाली हाथ लौटने को मजबूर हो गए। इससे साफ है कि इस पूरे खेल में कुछ स्थानीय अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

यह समस्या केवल उरमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गरियाबंद जिले में, विशेष रूप से उड़ीसा सीमा से सटे क्षेत्रों में यह अवैध गतिविधि जारी है। झाकरपारा क्षेत्र में भी पहले इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जहां बिना रॉयल्टी के खनिज परिवहन से सड़कें बर्बाद हो गई थीं और सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ था।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ठेकेदार और अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध खनिज परिवहन पर रोक लग सके और सड़कों को सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही, प्रशासन को ठेकेदारों को यह निर्देश देना चाहिए कि वे क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी करें।
अगर इस मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जनता को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, और सरकार को राजस्व हानि के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं के कारण जान-माल का भी नुकसान झेलना पड़ेगा।


