सूत्र नेति से किया योग का स्वागत: झरगांव के शिक्षक ने दिखाया शुद्धि का जीवंत रास्ता
शिक्षक ने सिखाया शुद्धि का सूत्र: झरगांव में योग दिवस पर ‘सूत्र नेति’ की जीवंत मिसाल
बस्तर के माटी न्यूज़,(BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
झरगांव,मैनपुर_अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जब पूरा देश आधुनिक योग अभ्यासों में डूबा रहा, तब गरियाबंद जिले के एक छोटे से गांव झरगांव के प्राथमिक शाला में कुछ अलग ही दृश्य नजर आया। यहां के शिक्षक मदनलाल नेताम ने पारंपरिक योग पद्धति ‘सूत्र नेति’ का जीवंत प्रदर्शन कर बच्चों और ग्रामीणों को योग की मूल आत्मा से जोड़ दिया।
सूत्र नेति, जो कि एक अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली योगिक शुद्धि क्रिया है, आज के समय में लगभग लुप्तप्राय है। इसमें एक सूती सूत्र या रबर की पतली नली को नासिका छिद्र से डालकर मुंह से बाहर निकाला जाता है, जिससे नासिका, कंठ और श्वसन मार्ग की गहन सफाई होती है। इससे एलर्जी, साइनस और अस्थमा जैसी श्वास संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।

शिक्षक मदनलाल नेताम ने न केवल स्वयं इस प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, बल्कि इसे बच्चों को भी सरल भाषा में समझाया और योगाभ्यास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की। विद्यालय प्रांगण में सादगी से आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण भी उपस्थित थे, जिन्होंने पहली बार इस अनूठे अभ्यास को प्रत्यक्ष देखा और सराहा।

मदनलाल नेताम ने बताया, “योग केवल शरीर की कसरत नहीं है, यह आत्मा और मन की भी शुद्धि का मार्ग है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे शुरू से ही इस गहराई को समझें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।”
सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं। आम लोगों से लेकर योगप्रेमियों तक, सभी शिक्षक नेताम के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं और सुझाव दे रहे हैं कि ऐसी पारंपरिक विधियों को विद्यालय स्तर पर पुनर्जीवित किया जाना चाहिए।

इस योग दिवस ने यह साबित कर दिया कि जब योग का असली संदेश गांव की मिट्टी से उठता है, तो उसका प्रभाव मंचों से कहीं अधिक गहरा और स्थायी होता है।

