सत्यानंद यादव
कोंडागांव बस्तर के माटी समाचार – बढ़ते बिजली की बिल को लेकर कोंडागांव शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन ने सरकार को आड़े हांथों लेते कहा कि सरकार आमजनता के जेब मे डाका डालने का काम कर रही है।छत्तीसगढ़ पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा कोंडागांव जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका मासिक बिजली बिल दो से चार गुना तक बढ़ गया है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।इस माह जिस दर से बिजली कि बिल आयी है सभी बिजली उपभोक्ता आश्चर्य मे हैं कि इतना बिल कैसे आ सकता है कई उपभोक्ताओं के बिलों मे पुराने बिल कि तुलना मे 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।जबकि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव कहते हैं प्रति यूनिट मात्र 20 पैसे का वृद्धि हुआ है इससे जनता को कोई खासा प्रभाव नहीं पड़ेगा जबकि हकीकत आज आपके सामने है आमजनता को कितनी परेशानीयां होती है, डबलइंजन की सरकार से जनता को केवल परेशानी के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है।
*बढ़ते बिलों की मुख्य शिकायतें*
अचानक वृद्धि: कई उपभोक्ताओं, खासकर निम्न आय वर्ग के परिवारों ने शिकायत की है कि उनका सामान्य बिल, जो पहले ₹ 100,200 से ₹500 के बीच आता था, अब बढ़कर ₹1500 से ₹3000,4000 या उससे भी अधिक हो गया है।तकनीकी खराबी का संदेह: स्थानीय लोगों का मानना है कि स्मार्ट मीटर सामान्य खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहा है या उसमें कोई तकनीकी गड़बड़ी है। लोगों का कहना है कि खपत में कोई वृद्धि नहीं हुई है, फिर भी बिल में भारी उछाल आया है।
प्रीपेड मोड का डर: यह भी आशंका है कि इन मीटरों को जल्द ही प्रीपेड मोड में बदल दिया जाएगा, जिससे गरीब परिवारों के लिए बिजली की उपलब्धता एक बड़ी समस्या बन जाएगी।स्थानीय निवासियों ने इस संबंध में बिजली विभाग के कार्यालयों में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा केवल खपत अधिक होने का हवाला देकर उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया जा रहा है।
*सरकार ने महतारी वंदन योजना में 1000 देने का वादा किया था, लेकिन वही पैसा अब बिजली बिल में कट रहा है*
मामले को लेकर कोंडागांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।देवांगन ने आरोप लगाते कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के नाम पर जो आर्थिक सहायता दे रही है, उसे बिजली बिल के माध्यम से वसूल रही है यह गरीबों की जेब पर सीधा हमला है और सरकार उन्हें राहत देने के बजाय संकट में धकेल रही है।
*कांग्रेस पार्टी ने एक स्वर में मांग की है*
1.स्मार्ट मीटरों की निष्पक्ष तकनीकी जांच विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा कराई जाए।
2.जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक बढ़े हुए बिलों की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए और पुराने औसत बिल के आधार पर भुगतान स्वीकार किया जाए।
3.दोषपूर्ण पाए गए स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाए जाएं।
यदि बिजली विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं देता है और बिलों में सुधार नहीं किया जाता है, तो कांग्रेस पार्टी और उपभोक्ता संगठित होकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

