DPL (धान प्रीमियर लीग) के रोमांचक मैच में एसडीएम ने ली एक और वी केट। अवैध धान तस्करी पर एसडीएम मैनपुर की बड़ी कार्रवाई, उड़ीसा से आ रहे 120 बोरी धान जब्त
धान तस्करी के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। शनिवार को उड़ीसा से आ रही एक 407 वाहन (क्रमांक OR 26 A 0311) को अमलीपदर के पुरानी जगन्नाथ मंदिर के पास रोककर जांच की गई। जांच के दौरान वाहन में लगभग 120 बोरी धान भरे मिले।

पूछताछ में ड्राइवर ने पहले बताया कि धान को अमली सदर से आगे मुड़गेल माल क्षेत्र तक ले जाने की बात कही गई थी। लेकिन जब अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि यह धान उड़ीसा से लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने की योजना थी। आरोपी ने बताया कि धान को मुड़गेल माल इलाके के एक किसान के घर में डंप कर बेचने की तैयारी थी।

सूचना मिलते ही एसडीएम मैनपुर डॉ. तुलसीदास मरकाम मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन सहित धान को अमलीपदर थाना के सुपुर्द किया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सरकार के उस सख्त अभियान का हिस्सा है जिसके तहत सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र के धान तस्करों और कुछ मंडी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही सख्त जांच से अब तस्कर नए रास्तों की तलाश में भटक रहे हैं।
गौरतलब है कि देवभोग-अमलीपदर क्षेत्र में हर साल उड़ीसा से सस्ते धान को लाकर छत्तीसगढ़ में बेचने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। स्थानीय पैदावार कम होने के कारण कुछ व्यापारी और बिचौलिए इस धान को यहां के किसानों के खातों में दिखाकर मुनाफा कमाते रहे हैं।

लेकिन इस बार सरकार ने इस पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। एसडीएम मरकाम की इस कार्रवाई से प्रशासन का संदेश साफ है—अवैध धान परिवहन और तस्करी में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।DPL धान प्रीमियर लीग में आखिर कार जीत किसकी होती है या हमेशा के रिजल्ट मैच फिक्सिंग का भेंट चढ़ता है यह समय ही बताएगा ।

