15वें वित्त आयोग की राशि में घोटाला, ग्रामीणों ने जनदर्शन में कलेक्टर को दिया ज्ञापन
प्रधान संपादक घनश्याम यादव
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार ग्राम पंचायत गुंडला पेट के ग्रामीणों ने 15वें वित्त आयोग की राशि में भ्रष्टाचार और घोटाले के गंभीर आरोप लगाते हुए गुरुवार को कलेक्टर एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के नाम ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच द्वारा 15वें वित्त आयोग के फंड का गबन किया गया है।
यह मामला पहले भी चर्चा में रहा है। दरअसल, 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन, पंचायत सचिव द्वारा किए गए कथित घोटाले का पर्दाफाश ‘बस्तर के माटी’ समाचार पत्र के माध्यम से हुआ था। इसकी शिकायत जिला पंचायत सीईओ को भी की गई थी, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सीधे कलेक्टर के जनदर्शन में जाकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि 15वें वित्त आयोग की राशि में हुए गबन की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्राम पंचायत गुनलापेटा के ग्रामीणों ने 24 नवंबर को जनपद पंचायत भोपालपटनम के अंतर्गत कई अनियमितताओं की शिकायत कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को की थी। इनमें उचित मूल्य की दुकान की मरम्मत और पाइपलाइन के नाम पर राशि गबन, आंगनबाड़ी में कुलर खरीदी के नाम पर भ्रष्टाचार और मनरेगा के तहत अमृतसरोवर निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं।
इन शिकायतों पर जिला पंचायत सीईओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत भोपालपटनम के सीईओ को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव हरिगोपाल पेंदम द्वारा की वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की शिकायत सामूहिक रूप से कलेक्टर से जनदर्शन के माध्यम से की गई है। ज्ञापन देने वाले ग्रामीणों में नीलम गनपत, गिरिजा शंकर तामड़ी, लंकल रामचंद्रम, तामड़ी शिवराम, अजय तामड़ी, रविंद्र पुजारी, अनिल चिड़ेम, संतोष एजुलवार, वेंगल राव नैकुल, संतोष तामड़ी, रामनेल्ली सुरेश, बापू राव मिच्चा, दिलीप चिड़ेम, रवि कुमार तामड़ी, श्रीमती सम्मू बाई मडे, नरेंद्र तामड़ी, प्रकाश नीलम, शंकर पुजारी, अनिल श्याम चेटला, संतोष मिच्चा, दीपक नेरला, सुरेश लंकल, राजकुमार दानम, चंद्रशेखर तामड़ी, महेंद्र तामड़ी, उमेश लिंगम, गुरला निमैया, विजय तामड़ी, गुरला मोहन, प्रवीण कुमार तामड़ी, आनंद राव और कंती सहित कई लोग शामिल थे। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले पर कलेक्टर संबित मिश्रा ने जांच कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन तो दिया है
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की इस सामूहिक कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर कितनी गंभीरता से इस मामले की जांच होती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो पाती है देखना होगा।

