ओपेरा के अश्लील नृत्य पर छत्तीसगढ़ में नोटों की बारिश तो उड़ीसा में जूता–चप्पल और कुर्सी ! दो राज्यों का दोहरा रवैया । कहीं नोट तो कहीं विरोध ।
जहां एक तरफ छत्तीसगढ़ के उरमाल में अश्लील नृत्य पर खुलेआम नोट उड़ाए गए, वहीं दूसरी तरफ उड़ीसा के भद्रक में उसी सनी लियोनि के ‘अश्लील नृत्य’ पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा। फर्क साफ है—
छत्तीसगढ़ में तालियां और पैसा, उड़ीसा में जूता–चप्पल और कुर्सी।
12 जनवरी को उड़ीसा के भद्रक में आयोजित पार्वती ओपेरा में जैसे ही कई कर्मचारियों की नौकरी ढकार चुकी सनी लियोनी के नाम से पहचानी जाने वाली निशा महाराणा ने कथित ‘अश्लील नृत्य’ शुरू किया, दर्शकों का सब्र टूट गया।
लोगों ने साफ कहा—
“ओपेरा के नाम पर अश्लीलता हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।” और फिर मंच की ओर उड़ने लगे जूते, चप्पल और कुर्सियां। मंच पर चढ़कर कुछ दर्शकों ने विरोध भी किया ।
उड़ीसा के दर्शकों का साफ संदेश था कि
कला और संस्कृति के नाम पर नग्नता परोसी गई तो इसका जवाब मिलेगा।
वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के उरमाल में यही नृत्य ‘मनोरंजन’ बन गया,जहां रात भर नोटों की बारिश होती रही,अधिकारियों की मौजूदगी में अश्लीलता परोसने वालों को खुली छूट मिलती रही। सूत्रों की मुताबिक ऐसी कई सरकारी कर्मचारी अपने चेहरा ढककर अश्लील नृत्य की गवाह बन गए।
इस पूरे मामले पर निशा महाराणा उर्फ सनी लियोनी का बेतुका बयान भी सामने आया है।
उनका कहना है—
“मैं अश्लील नृत्य नहीं करती।
अगर डांस के दौरान ड्रेस फट जाए और कपड़ा नीचे उतर जाए तो क्या उसे अंग प्रदर्शन कहेंगे?
छत्तीसगढ़ सरकार ने मुझे बैन किया है तो कागज दिखाइए।”
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि—
_अगर उड़ीसा की जनता अश्लीलता को नकार सकती है, तो छत्तीसगढ़ में उसे संरक्षण किसने दिया?
_कार्यक्रम की अनुमति देने वाले अधिकारी, सुरक्षा में तैनात पुलिस और आयोजन समिति की जिम्मेदारी तय कब होगी?
मंच पर अश्लील नृत्य और जिमनास्टिक स्टंट दिखाने वाली सुचित्रा जेना को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया,
लेकिन सवाल यह है कि—
_ 12 जनवरी की रात भद्रक में अश्लील नृत्य करने वाली सनी लियोनी तक पुलिस का हाथ कब पहुंचेगा?
_ क्या भद्रक पुलिस ओपेरा संचालकों पर कार्रवाई करेगी या मामला यहीं दब जाएगा?
अब निगाहें राजस्व विभाग के डिविजनल सचिव महादेव कावड़े के एक्शन पर टिकी हैं। क्या उनका डंडा उन पर भी चलेगा जिन्होंने नोट उड़ाकर अश्लीलता को बढ़ावा दिया,
_ जिन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक मर्यादा को पूरे देश में बदनाम किया?
_पर्दे के पीछे मौन सहमति देने वाले मुक चार्ली चैपलिन के ऊपर कब गिरेगी कारवाही के गाज?
कला या अश्लीलता ? उड़ीसा की जनता ने ठुकराया, छत्तीसगढ़ मैं किसने बढ़ावा दिया?
आज सवाल सिर्फ एक कलाकार का नहीं है, सवाल उस पूरे सिस्टम का है । जो कभी अश्लीलता पर आंख मूंद कर पैसा उड़ा देता है । चेहरा ढककर कार्यक्रम का मजा लेने के बाद सुबह वहां पर अनुपस्थिती का ढिंढोरा पिटता है और कभी दिखावे की कार्रवाई कर खुद को पाक-साफ बताता है।
अब देखना यह है—
उड़ीसा में विरोध की कुर्सी झेल चुकी सनी लियोनी तक कानून का हाथ कब तक पहुंच पाता है ? और छत्तीसगढ़ में अश्लीलता को बढ़ावा देने बाले सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही का बटन दब पाता है ?





