बस्तर की माटी न्यूज़ की खबर एक बार फिर असरदार साबित हुई है।
बीमार गोवंश और आवारा कुत्तों की पीड़ा को सामने लाने वाली हमारी खबर के बाद समाजसेवी संस्था हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन आगे आई और अमलीपदर क्षेत्र में पशु संरक्षण की एक मिसाल पेश की है।

कल ही बस्तर की माटी न्यूज़ पर अमलीपदर और आसपास के इलाकों में फैली गंभीर पशु बीमारी को प्रमुखता से दिखाया गया था।
खबर में गोवंश और आवारा कुत्तों में तेजी से फैल रही क्रीमी (परजीवी) बीमारी, त्वचा संक्रमण, घाव और नवजात पिल्लों की मौत जैसी गंभीर स्थिति को उजागर किया गया था।
खबर के प्रसारण के बाद हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पशुधन विकास विभाग के साथ मिलकर तुरंत कार्रवाई की।

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमलीपदर में हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन एवं पशुधन विकास विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष पशु संरक्षण अभियान चलाया।
अभियान के तहत—
_50 पशुओं को डी-वॉर्मिंग (क्रीमी नाशक) दवा दी गई
_40 स्थानों पर डिटिकिंग दवा का छिड़काव किया गया
_60 घायल एवं बीमार पशुओं का इलाज किया गया
_100 से अधिक पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया

इस अभियान में सबसे अधिक ध्यान लावारिस और बीमार आवारा कुत्तों पर दिया गया, जो इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित थे।
“बस्तर की माटी न्यूज़ में खबर देखने के बाद हमने तुरंत निर्णय लिया कि क्षेत्र में जाकर पशुओं का इलाज किया जाए। पशु बोल नहीं सकते, लेकिन उनकी पीड़ा हमारी जिम्मेदारी है।”
— हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष सिंह राजपूत
हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन लंबे समय से पशु कल्याण, संरक्षण, संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
इस अभियान में पशुधन विभाग से डॉ. योगेश नायक (VAS, नोडल अधिकारी मैनपुर), दुर्गेश साहू, उमेश नेताम, तेजेंद्र दीवान और फाउंडेशन से आशुतोष सिंह राजपूत, हर्ष जैन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

एक बार फिर साबित हुआ कि जब खबर असर करती है, तो बदलाव आता है।
बीमार और बेसहारा पशुओं के लिए उठाया गया यह कदम न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है।

