“विकास के नाम पर भ्रष्टाचार! एनएच–कांदुलनार सड़क में घोटाला, पेड़ों की कटाई और हादसों का खतरा”
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार
जिले में एनएच से कांदुलनार तक बन रही सड़क परियोजना अब विकास से ज्यादा विवादों का केंद्र बन गई है। चिन्नाकोडेपाल से कांदुलनार (15 किमी) तक प्रस्तावित इस सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, अनियमितता और पर्यावरणीय नुकसान के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
निर्माण में भारी अनियमितताएँ, घटिया सामग्री का आरोप
सड़क निर्माण कार्य में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं—
ठेकेदार रवींद्र सिंह दिल्लौन पर घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप
सड़क बनने के कुछ समय बाद ही खराब होने लगी
तय मानकों और गुणवत्ता की अनदेखी
निरीक्षण प्रक्रिया में भी लापरवाही
सूत्रों के अनुसार, 20 CBR के माप से कार्य कर 50 CBR के आधार पर भुगतान किया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, पर्यावरण पर गहरा असर
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया—
बिना अनुमति और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी
प्राकृतिक संतुलन पर गंभीर असर
बढ़ती गर्मी और प्रदूषण से स्थानीय लोग परेशान
दुर्घटनाओं को न्योता देता निर्माण कार्य
निर्माण में भारी लापरवाही के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है—
खेतों की काली मिट्टी डालकर सड़क तैयार
हल्की बारिश में सड़क कीचड़ में बदल जाती है
बाइक सवार फिसलकर गिर रहे हैं
आवागमन में भारी परेशानी
2021 से अधूरा निर्माण, जनता परेशान
सड़क निर्माण नवंबर 2021 से शुरू बताया गया
अब तक कार्य अधूरा
समयसीमा और गुणवत्ता दोनों पर सवाल
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस परियोजना ने लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है—
सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप
अधिकारी–ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका
जवाबदेही की कमी

मामले में जानकारी के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रभारी कार्यपालन अभियंता से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
करोड़ों के नुकसान का जिम्मेदार कौन?
क्या गुणवत्ता जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है?
क्या पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार्य है?
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है—
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो

निर्माण कार्य की नियमित गुणवत्ता निगरानी सुनिश्चित की जाए
चिन्नाकोडेपाल से कांदुलनार सड़क परियोजना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विकास के नाम पर नियमों और पर्यावरण की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। जरूरत है पारदर्शी, जवाबदेह और संतुलित व्यवस्था की, ताकि जनता को वास्तविक लाभ मिल सके और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा भी हो सके



