सत्यानंद यादव
कोंडागांव बस्तर के माटी समाचार बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से जिले के सभी आठ प्रमुख पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनता, सरकारी कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार दो दिनों तक पेट्रोल पंप पूरी तरह से ‘ड्राई’ यानी बंद रहने के बाद जैसे ही कुछ पंपों पर तेल की सप्लाई शुरू हुई, वहां लोगों की भारी भीड़ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पंपों पर झड़प की स्थिति, पुलिस बल तैनात
ईंधन के इस अचानक पैदा हुए संकट के कारण कोंडागांव जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों के पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल है। तेल सीमित मात्रा (लिमिट) में दिए जाने के कारण उपभोक्ताओं और पंप संचालकों के बीच विवाद और झड़प की स्थितियां बन रही हैं। बिगड़ते हालात और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, क्योंकि उन्हें वापस अपने घर लौटने के लिए भी पर्याप्त तेल नहीं मिल पा रहा है।
थमे ट्रैक्टरों के पहिए, किसान और आम जनता परेशान
डीजल की भारी किल्लत का सीधा असर बस्तर के किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले ट्रैक्टर और कृषि उपकरण डीजल न मिलने के कारण खड़े हो गए हैं, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। बिजली कटौती की मार झेल रहे ग्रामीणों के लिए अब वाहनों का पहिया थम जाना दोहरी मुसीबत बन गया है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के किसी भी पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद सिर्फ 1-2 लीटर पेट्रोल ही दिया जा रहा है। ऐसे में दैनिक काम और दफ्तर आना-जाना पूरी तरह मुश्किल हो चुका है।”
विपक्ष ने घेरा, सरकार से जल्द राहत की मांग
इस गंभीर संकट को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। कोंडागांव कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कांग्रेस महामंत्री रितेश पटेल ने विभिन्न पेट्रोल पंपों का जायजा लिया और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता ईंधन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है और त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस अघोषित संकट को तुरंत दूर कर कोंडागांव की जनता को राहत पहुंचाई जाए।
फिलहाल, अधिकारी इस संकट को जल्द से जल्द दूर करने और ईंधन की सप्लाई सुचारू रूप से बहाल करने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

