3 माह से वेतन अटका, छुट्टी के दिन निरीक्षण से अनुदेशकों में नाराजगी
समग्र शिक्षा विभाग के अनुदेशकों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप, अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घनश्याम यादव
बीजापुर बस्तर के माटी। बीजापुर जिले के समग्र शिक्षा विभाग में पदस्थ अनुदेशकों को पिछले करीब तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से वेतन भुगतान नहीं होने के बीच अब शासकीय अवकाश के दिनों में निरीक्षण किए जाने और अनुपस्थिति के नोटिस जारी किए जाने को लेकर अनुदेशकों में नाराजगी सामने आ रही है।
अनुदेशकों का कहना है कि वे पहले से ही तीन माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। नियमित वेतन नहीं मिलने से परिवार की दैनिक जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, आवागमन तथा अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। ऐसे समय में विभागीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय कथित तौर पर अवकाश के दिन निरीक्षण कर अनुपस्थिति संबंधी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
अवकाश के दिन निरीक्षण, नोटिस से बढ़ी चिंता
अनुदेशकों का आरोप है कि हाल ही में शासकीय अवकाश के दिन अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर कुछ अनुदेशकों को नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है। अनुदेशकों का कहना है कि यदि दिन शासकीय अवकाश का था तो उस दिन उपस्थिति को लेकर कार्रवाई किस आधार पर की जा रही है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि विभागीय अनुशासन और निरीक्षण अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी कर्मचारी की वास्तविक कार्यस्थिति, आदेश और अवकाश की स्थिति को देखते हुए ही कार्रवाई की जानी चाहिए। बिना परिस्थितियों को समझे नोटिस जारी किए जाने से कर्मचारियों में मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
अधीक्षकों की शिकायतों का भी मामला सामने आया
अनुदेशकों के मुताबिक, कुछ स्थानों से अधीक्षकों द्वारा भी उनके खिलाफ विभिन्न प्रकार की शिकायतें किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन शिकायतों की वास्तविकता और उनके आधार की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। अनुदेशकों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत है तो उसे स्पष्ट रूप से सामने लाकर संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
VC में उठा अनुदेशकों के कार्यों का सवाल
बताया गया कि अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मैडम द्वारा अधीक्षकों से अनुदेशकों के कार्यों को लेकर सवाल किया गया। अनुदेशकों के अनुसार, जब उनसे पूछा गया कि अनुदेशक आखिर क्या-क्या कार्य करते हैं, तो किसी अधीक्षक द्वारा स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दिया गया।
अनुदेशकों का सवाल है कि यदि उनके कार्यों और जिम्मेदारियों को लेकर ही स्पष्ट जानकारी नहीं है, तो उनके कार्यों के मूल्यांकन और उनके खिलाफ शिकायतों या कार्रवाई का आधार क्या है? उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर अनुदेशक किन परिस्थितियों में काम करते हैं, उनकी वास्तविक जिम्मेदारियां क्या हैं और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसका भी विभागीय स्तर पर आकलन किया जाना चाहिए।
‘हमारी परेशानियों को भी समझे विभाग’
अनुदेशकों का कहना है कि वे विभागीय व्यवस्था का हिस्सा हैं और अपने स्तर पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। यदि किसी कर्मचारी से कोई गलती होती है तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन कार्रवाई से पहले संबंधित कर्मचारी का पक्ष सुनना भी जरूरी है।
उनका कहना है कि तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की समस्या पहले ही गंभीर है। इसके बावजूद लगातार नोटिस और शिकायतों की स्थिति बनने से कर्मचारियों के बीच नौकरी को लेकर असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है। कुछ अनुदेशकों को आशंका है कि यदि शिकायतों और नोटिसों के आधार पर कठोर कार्रवाई हुई तो उनके साथियों की नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।
निष्पक्ष जांच और वेतन भुगतान की मांग
ाअनुदेशकों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि सबसे पहले लंबित वेतन का भुगतान कराया जाए। साथ ही शासकीय अवकाश के दिन किए गए निरीक्षण, जारी किए गए नोटिस तथा अनुदेशकों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की निष्पक्षता से जांच की जाए।
अनुदेशकों का कहना है कि यदि किसी के खिलाफ वास्तविक शिकायत या लापरवाही का मामला है तो प्रमाण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन सभी अनुदेशकों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। विभाग को जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
इस मामले में समग्र शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी जिला समन्वयक बीजापुर का आधिकारिक पक्ष यह है कि दो दिन बाद अनुदेशकों का मानदेय दिया जाएगा उन्होंने यह भी कहा कि दिन भर स्कूल के समय के बाद रात आमें भी बच्चों को देखरेख करना जरूरी होता है ऐसे में अगर कोई अनुदेशक लापरवाही बरतते हैं तो कार्यवाही होग

