90 हजार में खरीदी गई 1कंप्यूटर, बाजार मूल्य है 30 हजार, ₹60 का घोटाला? 15वें वित्त योजना की राशि का बंदर बाँट की ओर इशारा
बस्तर के माटी समाचार बीजापुर
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के गांव में विकास के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तरह-तरह की योजनाएं लागू करती है उन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अंचल में मूलभूत सुविधाओं के साथ रोजगार भी मुहैया कराती है। लेकिन यदि सरकार के नुमाइंदे सरकारी योजनाओं की राशि में अनियमित करते हुए सरकार की मंशा को सफल करती है तो ऐसे सरकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही भी प्रशासन द्वारा की जाती है। ऐसा ही एक मामला बीजापुर जिले के ग्राम पंचायत गंगालुर का है जहां वर्ष 2024 25 में 15वें वित्त योजना के माध्यम से एक कंप्यूटर अनुराग कंप्यूटर और ट्रेडर्स के दुकान से 90 हजार में खरीदी की जाती है जबकि बीजापुर जिले के दुकानों में एक कंप्यूटर की कीमत अधिकतम 30 हजार तक है। जिस प्रकार कंप्यूटर खरीदी में जिस दुकान से बिल लगाई गई है और अधिक रकम 15 में वित्त योजना की राशि में अनियमित की गई है इससे साफ जाहिर होता है की पंचायत सचिव और सरपंच 15 वित्त योजना की राशि का फिर करते हुए सरकार के मनसा को सफल कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस प्रकार वित्तीय अनियमित करने वाले संबंधित पंचायत सचिव और सरपंच पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करती है आने वाला समय ही बताएगा।

