विश्व हाथी दिवस पर विशेष कार्यक्रम, स्कूली बच्चों ने बढ़ाया उत्साह
बस्तर की माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
विश्व हाथी दिवस के अवसर पर उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कोयबा स्थित इको सेंटर में जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

इस अवसर पर उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सतोविशा समाजदार मुख्य अतिथि और उपनिदेशक वरुण कुमार जैन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में सहायक संचालक गोपाल कश्यप,रेंजर सुशील कुमार सागर(इंदा गांव), वन विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षु रेंजर, तथा देव नारायण सोनी (रेंजर उत्तर उदंती) और चंद्रबली ध्रुव (रेंजर दक्षिण उदंती) सहित प्रशिक्षु रेंजर भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत स्क्रीनिंग प्रस्तुति से हुई, जिसमें उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के हाथियों की जीवनशैली, व्यवहार और संरक्षण से जुड़ी जान कारियाँ दिखाई गईं। उप निदेशक वरुण कुमार जैन ने सरल शब्दों में हाथियों की पारिस्थितिकी में भूमिका, उनके पर्यावरण और मानव जीवन पर प्रभाव, तथा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हाथियों की ट्रैकिंग प्रक्रिया, मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियाँ और उनके समाधान के उपाय भी साझा किए।

फील्ड डायरेक्टर सतोविशा समाजदार ने पारिस्थितिक तंत्र में हाथियों की विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि हाथी केवल वन्यजीव ही नहीं, बल्कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले प्रत्येक जीव—चाहे थलचर, जलचर, उभयचर या नभचर हों—की “माता” समान भूमिका निभाते हैं। उनके संबोधन ने उपस्थित लोगों को वन्यजीव संरक्षण के व्यापक महत्व से परिचित कराया।

इंदा गांव हाई स्कूल के अनेक छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्कूली बच्चों के साथ एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार के रूप में रेंज ऑफिसर उत्तर उदंती, इंदागांव और दक्षिण उदंती द्वारा प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का उद्देश्य हाथी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को यह समझाना था कि हाथी हमारे पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन के लिए एक अनिवार्य कड़ी हैं। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने हाथियों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने का संकल्प लिया।

