सत्यानंद यादव
कोण्डागांव बस्तर के माटी समाचार 30 दिसम्बर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की मांगों का सीपीआई द्वारा आंदोलन स्थल पर पहुंचकर मंच से समर्थन किया गया।
कोण्डागांव कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया जिला परिषद् से राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड तिलक, जिला सचिव कामरेड शैलेश, सहायक सचिव कामरेड दिनेश, अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी महासभा कामरेड मुकेश, सदस्य कामरेड रामचंद, सोनसिंह एवं लक्ष्मण ने 30 दिसम्बर को चौपाटी मैदान के तीन दिवसीय हड़ताल/आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के सभी 11 सूत्रीय मांगों को जायज बताते हुए मंच से केंद्र एवं छत्तीसगढ़ षासन से अपील किया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के सभी 11 सूत्रीय मांगों को कर्मचारी-अधिकारी सहित जनहित को ध्यान में रखकर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस दौरान कामरेड तिलक ने आंदोलन स्थल पर मौजुद कोण्डागांव जिले के अपनी मांगों को पूरा करने के लिए संघर्शरत आंदोलनकारियों का लाल सलाम से इस्तिकबाल करते हुए कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 120 संगठनों से जुड़े कर्मचारी-अधिकारियों का एकजुट होकर एक मंच पर तीन दिवसीय हड़ताल पर बैठना ही शासन को झुकने के लिए मजबूर करने के लिए काफी है। आप सभी संघर्षशील साथी ऐसे ही एकजुट रहकर अपनी मांगों पर अड़िग रहें, केंद्र और राज्य सरकार अवश्य आपकी सभी मांगों को पूरा करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार के उदासीन रवैया से त्रस्त होकर ही आप सभी कर्मचारी-अधिकारियों को आंदोलन का यह कदम उठाना पड़ रहा है। आपके एकजुट होकर तीन दिवसीय आंदोलन करने पर सभी विभागों के कामकाज ठप्प हो चुके हैं। आमजनों को परेशान होना पड़ रहा है। आंदोलन से आमजनों को हो रही परेशानी के लिए सरकार ही पूरी तरह से जिम्मेदार है, यदि सरकारों ने कर्मचारी-अधिकारियों से किए गए अपने वादों को समय पर पुरा कर दिया होता तो न आंदोलन की नौबत आती और न आमजनों को बेवजह परेशान होना पड़ता। सीपीआई केंद्र व राज्य सरकार से पुनः पुरजोर मांग करती है कि निश्चित कालीन 3 दिवसीय आंदोलन को संज्ञान में लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के 11 सूत्रीय जायज मांगों को तत्काल पूर्ण किया जाए। मांग पूरी नहीं करने पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन इसी एकजुटता के साथ यदि अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठ गए तो आमजनों को और भी अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी। ऐसा हुआ तो छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के साथ सीपीआई भी कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में सम्मिलित होगी।

