“जंगल के ‘उड़न शिकारी’ आखिरकार जमीन पर उतरे, वन विभाग ने कसा शिकंजा”
उड़न गिलहरी और कुटरी के शिकार मामले में 5 फरार आरोपी गिरफ्तार, ओडिशा से आकर जंगल में चला रहे थे ‘गुप्त अभियान’
बस्तर की माटी न्यूज़(BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
गरियाबंद के जंगलों में खुद को ‘शिकारी स्पेशल फोर्स’ समझने वाले पांच फरार आरोपी आखिरकार वन विभाग के जाल में फंस ही गए।
उड़न गिलहरी और कुटरी के शिकार मामले में लंबे समय से आंख-मिचौली खेल रहे ये आरोपी अब “उड़न” नहीं, सीधे हिरासत में नजर आ रहे हैं।

मामला तब गरमाया था, जब पहले पकड़े गए एक आरोपी के पास से कुटरी का सूखा मांस, धनुष-तीर और शिकार के अन्य देसी-विदेशी (जुगाड़ू) हथियार बरामद हुए थे। उस वक्त लगा था कि कहानी यहीं खत्म हो जाएगी, लेकिन असल फिल्म तो अभी बाकी थी।
वन विभाग की एंटी-पोचिंग टीम ने भी ठान लिया था कि “शिकारियों का शिकार” करके ही दम लेंगे। और आखिरकार वही हुआ।

आज इंदा गांव रेंज के रेंजर सुशील कुमार सागर के नेतृत्व में टीम ने फरार चल रहे पांचों आरोपियों को धर दबोचा। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं — एक कुकुर तोपा का तो बाकी चार अचला गांव के निवासी हैं। यानी जंगल में ‘आउटसोर्सिंग’ वाला शिकार चल रहा था!

फिलहाल सभी आरोपियों को पकड़कर ध्रुवा गुड़ी स्थित रेंज ऑफिस लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जंगल में उड़न गिलहरी को निशाना बनाने निकले ये शिकारी खुद इतने ‘उड़न’ हो गए थे कि कई दिनों तक पकड़ में ही नहीं आ रहे थे। लेकिन वन विभाग ने भी साबित कर दिया कि जंगल उनका है, और यहां “फ्लाइट मोड” ज्यादा देर तक ऑन नहीं रहता।

अब देखना होगा कि कानून का शिकंजा इन ‘जंगल के जेम्स बॉन्ड’ पर कितना कसता है, ताकि आने वाले समय में कोई और उड़न गिलहरी को ‘ग्राउंडेड’ करने की हिम्मत न करे।

